StageBuzz Blog

प्यासा

‘दूर डगर पर’ और अन्य कविताएं

दूर डगर पर दूर डगर पर बिछते जातेडबडबाते दो नयन हैंआओगे तुम कब न जानेरातों करते न शयन हैं । मन का मृग था प्यासा प्यासाआग की नदिया मिलीजल समझ के जल मराआस सब...

हरियाणवी संस्कृति का एक नया अध्याय

लेखक – अनिल गोयल 1968 में बनी पहली फिल्म ‘धरती’ से होता हुआ हरियाणवी फिल्म उद्योग ‘चंद्रावल’ (1984) और ‘लाडो बसन्ती’ से होता हुआ आज ‘दादा लखमी चन्द’ तक आ पहुँचा है। इस बीच...

प्रेम रामायण

लेखक: अनिल गोयल महरषि वाल्मीकि की रामायण ने पिछले लगभग सात-आठ हजार वर्षों में कितने ही रूप धारे हैं. हर काल में वाल्मीकि–रचित इस महाकाव्य को हर कोई अपने तरीके से सुनाता चला आया...

Why India lost the World Cup semi-final to England

Sunil Sarpal analyses the 2022 ICC T20 World Cup – semi-final between England and India England beat India comprehensively in the semis. England won the toss and decided to make first use of the...

अब पितृ दिवस मेरा सूना है। – ज़िले सिंह

पिता तो मेरे चले गए,अब पितृ दिवस मेरा सूना है।जैसे लोभी का धन लुट गया,और लगा मोटा चूना है।अब यादों में रहे शेष बस,मूरत नहीं दिखाई देती।कहां ठहाका रहा हंसी का,खुशियां नहीं दिखाई देती।कहां...